शनिवार, 7 जनवरी 2017

एंड्राइड मोबाइल में हिंदी का विकास


आज मोबाइल मार्केट में एंड्राइड  मोबाइल फोन की धूम मची है। आज की नई पीढ़ी एंड्राइड मोबाइल की सहायता से शिक्षा, पर्यटन, विदेशी भाषा सीखना, ऑन लाइन बुकिंग करना जैसे अनेक कार्य आसानी से कर रहे है। यह एक  ऑपरेटिंग सिस्टम है जो लिनक्स पर आधारित है। इसका विकास गूगल द्वारा किया गया है। एंड्राइड का विकास मुख्य रूप से टच स्क्रीन मोबाइल के लिए किया गया है जिसे हम आजकल स्मार्ट फोन भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल टेबलेट कंप्यूटर में भी किया जाता है। आजकल एंड्राइड पर आधारित कार, टीवी कलाई घड़िया भी आ रही है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में सब कुछ टच आधारित है जैसे वर्चुअल की बोर्ड, स्वीपिंग, टैपिंग, पिंचिंग इत्यादि। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में गेम, कैमरा आदि सुविधाएँ भी बखूबी उपलब्ध है। इस समय जितने मोबाइल उपलब्ध उनमें सबसे अधिक यही ऑपरेटिंग सिस्टम उपलब्ध  है।
एण्ड्राइड मोबाइल में हिंदी का विकास तेजी से हो रहा है। अनेक एप्स उपयोगी है लेकिन इनमें विकास की गुंजाइश है। हिंदी एप्स को समय समय पर उन्नत करने की आवश्यकता है। हमने शिक्षा,आरोग्य, साहित्य जैसे अनेक शाखाओं में हिंदी में विपुल रचानाएँ की है। एण्ड्राइड मोबाइल में उपयोगी अनेक हिंदी एप्स बनाने की आवश्यकता महसुस की जा रही है। इसमें तकनीकी ज्ञान, संपादकीय कौशल और हिंदी की जानकारी रखनेवाले विद्वानों की जरुरत है।
एंड्रॉयड पर चलने वाले अनुप्रयोग दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। इन्हें गूगल प्ले या अमेज़न ऍप्पस्टोर के माध्यम से, या किसी तीसरी साइट से ऐपीके (APK) फाइल डाउनलोड करके प्राप्त किया जा सकता है। एप्लीकेशन एंड्रायड सॉफ्टवेयर विकास किट (एसडीके) की मदद से जावा प्रोग्रामिंग भाषा में विकसित किये जाते हैं।
एण्ड्रौइड साफ्टवेयर के पांच भाग या अवयव है जिसके आधार पर पूरा एण्ड्रायिड प्लेट फार्म कार्य करता है। ये किसी अन्य कंप्यूटर आपरेटिंग सिस्टम के अनुरूप ही कई ढीली ढाली साफ्टवेयर पर्तो या के बण्डल है जो आवश्यकतानुसार अन्य पर्तो के साथ जुड कर प्रक्रिया में भाग लेते हैं। वस्तुतः मोबाईल जैसे सीमित मेमोरी (स्मृति क्षमता) वाले उपकरणों सर्वोपयुक्त उपयोग करने के लिए इसे विकसित किया गया है।
वर्तमान में ऍण्ड्रॉइड मोबाइल फोन तथा टैबलेट हेतु एक लोकप्रिय प्रचालन तन्त्र के रुप में उभर रहा है। ऍण्ड्रॉइड में अभी तक (संस्करण ४.०) हिन्दी समर्थन उपलब्ध है।

Google Indic Keyboard से आप अपने Android फ़ोन पर अपनी मातृभाषा में संदेश लिख सकते हैं, सामाजिक नेटवर्क अपडेट कर सकते हैं या ईमेल लिख सकते हैं. अभी इसमें निम्न कीबोर्ड शामिल हैं:


- अंग्रेज़ी कीबोर्ड
- असमिया कीबोर्ड (অসমীয়া)
- बंगाली कीबोर्ड (বাংলা)
- गुजराती कीबोर्ड (ગુજરાતી)
- हिंदी कीबोर्ड (हिंदी)
- कन्नड़ कीबोर्ड (ಕನ್ನಡ)
- मलयालम कीबोर्ड (മലയാളം)
- मराठी कीबोर्ड (मराठी)
- उड़िया कीबोर्ड (ଓଡ଼ିଆ)
- पंजाबी कीबोर्ड (ਪੰਜਾਬੀ)
- तमिल कीबोर्ड (தமிழ்)
- तेलुगू कीबोर्ड (తెలుగు)

अपने फ़ोन पर, यदि आप अपनी भाषा को ऊपर उसकी मूल लिपि में पढ़ सकते हैं, तो आप अपनी भाषा इनपुट करने के लिए Google Indic Keyboard को इंस्टॉल और उपयोग कर सकते हैं; अन्यथा संभवतः आपका फ़ोन आपकी भाषा का समर्थन नहीं करता है.

Google Indic Keyboard इनपुट के विभिन्न मोड का समर्थन करता है:

- लिप्यंतरण मोड - उच्चारण को अंग्रेज़ी अक्षरों में लिखकर अपनी मातृभाषा में आउटपुट प्राप्त करें (जैसे, namaste -> नमस्ते.)

- मूल कीबोर्ड मोड - सीधे मूल लिपि में लिखें. 

- हस्तलेखन मोड (अभी केवल हिंदी में उपलब्ध है) - सीधे अपने फ़ोन की स्क्रीन पर लिखें. 

- हिंग्लिश मोड - यदि आप हिंदीको एक इनपुट भाषा के रूप में चुनते हैं, तो अंग्रेज़ी कीबोर्ड अंग्रेज़ी और हिंग्लिश दोनों तरह के शब्दों का सुझाव देगा.

इसे सक्षम कैसे किया जा सकता है और डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड के रूप में सेट कैसे किया जा सकता है?
- Android 5.x और नए वर्शन पर:
सेटिंग -> भाषा और इनपुट खोलें, “कीबोर्ड और इनपुट पद्धतियांअनुभाग में, वर्तमान कीबोर्ड -> कीबोर्ड चुनें पर जाएं -> “Google Indic Keyboard” को चेक करें -> “भाषा और इनपुटपर वापस आएं -> वर्तमान कीबोर्ड -> “अंग्रेज़ी और भारतीय भाषाएं (Google Indic Keyboard)” चुनें. किसी इनपुट बॉक्स में लिखते समय, आप स्क्रीन में नीचे दाएं कोने में कीबोर्ड आइकन को क्लिक करके भी डिफ़ॉल्ट इनपुट पद्धति बदल सकते हैं.
- Android 4.x पर:
सेटिंग -> भाषा और इनपुट खोलें, “कीबोर्ड और इनपुट पद्धतियांअनुभाग के अंतर्गत, Google Indic Keyboard को चेक करें, फिर डिफ़ॉल्ट क्लिक करें और इनपुट पद्धति चुनेंसंवाद में “Google Indic Keyboard” चुनें.
किसी इनपुट बॉक्स में लिखते समय, आप नोटिफिकेशन क्षेत्र में इनपुट पद्धति चुनेंको चुनकर भी डिफ़ॉल्ट इनपुट पद्धति बदल सकते हैं.



      एंड्राइड में अनेक उपयोगी एप्स बनाए गए है जो मुफ्त भी है और कई सशुल्क उपलब्ध है। गुगल प्ले में सर्च करते समय हिंदी के लिए अनेक एप्स सामने आते है। हिंदी पुस्तकों की सूचि में धार्मिक, शिक्षा, कला, साहित्य, सामान्य ज्ञान,इतिहास  से लेकर अनेक  विषयों का भांडार उपलब्ध है। फिल्म की श्रेणी में अनेक पुराने और नए भारतीय फिल्मों का संग्रह उपलब्ध है। समाचार की श्रेणी के अंतर्गत अनेक सुप्रसिध्द समाचार पत्र जैसे नव भारत टाइम्स, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर,दैनिक अमर उजाला आदि समाचार पत्रों की शृंखला है।
   सर्वाधिक लोकप्रिय एप्स श्रेणी में अनेक हिंदी व्याकरण, इंडिक की बोर्ड, शब्दकोश,हिंदी कैलेण्डर,लर्न हिंदी, मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ, शायरी, कविता, हिंदी चुटकुले, आयुर्वेद, सामान्य ज्ञान, धार्मिक साहित्य, बी.बी.सी. हिंदी, भविष्य आदि अनेक बहु उपयोगी एप्स का संग्रह आपके सामने हाजिर है।

           
 विजय प्रभाकर नगरकर,
भारत संचार निगम लि., अहमदनगर- 414001 महाराष्ट्र
संपर्क- 09422726400   ई-मेल - vpnagarkar@gmail.com



रविवार, 5 जून 2016

कम्प्यूटर की-बोर्ड खुबिया

कंप्यूटर की-बोर्ड

क्या आपने कभी अपने कंप्यूटर की-बोर्ड की सबसे ऊपरी लाइन गौर से देखी है? ऐसा नहीं लगता, जैसे सीधी-सी 12 खंभा रोड हो, F1 से लेकर F12 तक 12 पड़ाव वाली एक सीधी-सी रोड। ये 12 कुंजियां बड़े काम की हैं। इनकी मदद से कैसे आप कंप्यूटर पर तेजी से काम कर सकते हैं,

F1

- अगर कंप्यूटर को स्विच ऑन करते ही यह कुंजी दबा देंगे तो कंप्यूटर का सेटअप (CMOS) खुल जाएगा, जिसमें सेन्सिटिव कंप्यूटर सेटिंग्स को देखा या बदला जा सकता है।
- अगर आपने विंडोज़ खोल लिया है, तो इस कुंजी को दबाने पर विंडोज हेल्प एंड सपोर्ट डायलॉग खुलेगा, जिसमें सामान्य समस्याओं के समाधान दिखाए गए हैं।
- अगर आप इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउजर में काम कर रहे हैं, तो यह कुंजी दबाने पर इस ब्राउजर का हेल्प पेज खुलेगा।
- क्रोम ब्राउजर में यही कुंजी दबाने पर गूगल क्रोम का हेल्प सेंटर खुल जाएगा।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कंट्रोल+F1 दबाने पर सॉफ्टवेयर फुल स्क्रीन मोड में चला जाएगा। फिर से दबाने पर दोबारा सामान्य हो जाएगा।

F2

- विंडोज में किसी फाइल, आइकन या फोल्डर पर क्लिक करने के बाद F2 दबाने पर उसे फौरन रीनेम किया जा सकता है।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कंट्रोल+F2 दबाने से प्रिंट प्रिव्यू पेज खुलेगा, जो दिखाता है कि आपका डॉक्युमेंट प्रिंट होने पर कैसा दिखेगा।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Alt+Control+F2 को दबाने पर फाइल ओपन डायलॉग बॉक्स खुल जाता है।

F3

- विंडोज में F3 दबाने से सर्च बॉक्स खुल जाता है, जिसका इस्तेमाल फाइलों या फोल्डरों को खोजने के लिए कर सकते हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Shift+F3 दबाने पर अंग्रेजी का सलेक्ट किया हुआ मैटर अपर केस या लोअर केस में बदला जा सकता है।
- माइक्रोसॉफ्ट डॉस या कमांड प्रॉम्प्ट विंडो में F3 दबाने पर पहले टाइप की गई कमांड दोबारा टाइप हो जाती है।

F4

- विंडोज एक्सप्लोरर (कंप्यूटर, माइ कंप्यूटर वगैरह) में इसे दबाने पर अड्रेस बार खुल जाती है। इंटरनेट एक्सप्लोरर में भी वेबसाइट का पता डालने के लिए अड्रेस बार खुलती है।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में यह कुंजी दबाने पर वही काम रिपीट हो जाएगा, जो आपने अभी-अभी किया था। अगर आपने कोई शब्द टाइप किया है, तो वह दोबारा टाइप हो जाएगा। टेबल बनाई है, तो एक और टेबल बन जाएगी। अगर कोई टेक्स्ट बोल्ड किया है तो वह फिर से सामान्य और फिर से बोल्ड हो जाएगा।
- Alt+F4 को दबाने पर वह सॉफ्टवेयर बंद हो जाएगा जो अभी खुला हुआ है।
- Control+F4 दबाने पर किसी सॉफ्टवेयर के भीतर खुली कई विंडोज में से मौजूदा विंडो बंद हो जाएगी। जैसे इंटरनेट एक्सप्लोरर में खुले कई टैब में से एक टैब बंद हो जाएगा या फिर वर्ड में खुले कई दस्तावेजों में से एक बंद हो जाएगा।

F5

- यह रिफ्रेश की के तौर पर काम करता है। विंडोज में कोई फोल्डर कॉपी होने के बाद दिखाई नहीं दे रहा, तो इसे दबाइए, दिखने लगेगा। इंटरनेट ब्राउजरों में दिख रहे वेब पेजों को रिफ्रेश या रिलोड करने के लिए यह बहुत इस्तेमाल होता है।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इसे दबाने पर Find and replace डायलॉग खुल जाता है।
- पावरपॉइंट में F5 दबाने पर स्लाइड शो चालू हो जाता है।
- माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में Shift+F5 दबाने पर Find and Replace सुविधा खुलती है।
- फोटोशॉप में इसे दबाने पर कई तरह के ब्रश सामने आ जाते हैं, जिनमें से अपनी पसंद का ब्रश चुना जा सकता है।

F6

- इसे दबाने पर विंडोज टास्कबार में खुले फोल्डरों की सामग्री दिखने लगती है।
- इंटरनेट ब्राउजर में इसे दबाने पर करसर अड्रेस बार में चला जाता है और आप फौरन वेब अड्रेस टाइप कर सकते हैं।
- अगर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कई डॉक्युमेंट खुले हैं, तो उन्हें एक-एक कर देखने के लिए Control+Shift+F6 का प्रयोग कर सकते हैं।

F7

- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में कोई दस्तावेज टाइप करने के बाद अगर F7 दबाएंगे, तो उसकी स्पेलिंग चेक होनी शुरू हो जाएगी।
- इंटरनेट एक्सप्लोरर में इसे दबाने पर कैरट ब्राउजिंग सुविधा शुरू हो जाती है, जिसका इस्तेमाल कीबोर्ड के जरिए वेब पेजों पर टेक्स्ट सलेक्ट करने, आगे-पीछे जाने आदि के लिए किया जा सकता है।

F8

- अगर कंप्यूटर को स्टार्ट करते समय इसे दबा देंगे, तो ऑपरेटिंग सिस्टम को खोलने के लिए उपलब्ध कई मोड दिखाई देंगे, जिनमें सेफ मोड और कमांड प्रॉम्प्ट भी शामिल हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Alt+F8 दबाने पर मैक्रो तैयार करने की सुविधा शुरू हो जाती है, जिसके जरिए बार-बार किए जाने वाले कामों को करने के लिए छोटे-छोटे स्थायी निर्देश रेकॉर्ड किए जा सकते हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में टेक्स्ट को सिलेक्ट करने के लिए F8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

F9

- माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक में ईमेल पाने-भेजने (सेंड-रिसीव) के लिए इसका इस्तेमाल करें।
- क्वार्क एक्सप्रेस में इसे दबाने पर मेजरमेंट टूलबार खुल जाता है।
- कुछ लैपटॉप में इसे दबाकर स्क्रीन की चमक (ब्राइटनेस) को कंट्रोल किया जा सकता है।

F10

- किसी सॉफ्टवेयर में काम करते हुए इस कुंजी को दबाने पर मेन्यू बार सक्रिय हो जाता है, जैसे आपने वहां क्लिक किया हो।
- Shift+F10 को एक साथ दबाने का ठीक वैसा असर होता है, जैसा माउस के राइट क्लिक का। किसी आइकन, फाइल या इंटरनेट एक्स्प्लोरर में किसी लिंक पर इन कुंजियों को दबाकर देखिए, कॉन्टेक्स्ट मेनू खुल जाएगा।
- Control+F10 का इस्तेमाल माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की विंडो का आकार घटाने-बढ़ाने (मिनिमाइज- मैक्सिमाइज) करने के लिए किया जा सकता है।

F11

- इंटरनेट एक्सप्लोरर, क्रोम आदि ब्राउजरों में फुल स्क्रीन को सक्रिय-निष्क्रिय करने के लिए इसे आजमाएं।
- Alt+F11 को दबाने पर माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के सॉफ्टवेयरों में विजुअल बेसिक कोड विंडो खुल जाती है, जिसका इस्तेमाल एक्सपर्ट यूजर करते हैं।

F12

- माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इसे दबाने पर Save As.. डायलॉग बॉक्स खुलता है।
- Shift+F12 से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का डॉक्युमेंट सेव हो जाता है।
- Control+Shift+F12 से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में खुला डॉक्युमेंट प्रिंट हो जाता है।

*** संकलन ***

शुक्रवार, 3 जून 2016

भारत वाणी

भारतवाणी : भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान प्रसार का एक अभि‍नव प्रयास
(http://bharatavani.in वेबसाइट से साभार प्राप्‍त)

भारतवाणी एक परियोजना है, जिसका उद्देश्य मल्टीमीडिया (पाठ, श्रव्य, दृश्य एवं छवि) का उपयोग करते हुए भारत की समस्त भाषाओं के बारे में एवं भारतीय भाषाओं में उपलब्ध ज्ञान को एक पोर्टल (वेबसाइट) पर उपलब्ध कराना है। यह पोर्टल समावेशी,संवादात्मक और गतिशीलहोगा। इसकामूल उद्देश्य है डिजिटल भारत के इस युग में भारत को “मुक्त ज्ञान” समाज बनाना।

भारतवाणी ज्ञान पोर्टल के लाभार्थी कौन होंगे?
भारतवाणी का उपयोग विभिन्न सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक (औपचारिक एवं अनौपचारिक) पृष्ठभूमि तथा सभी आयु वर्ग के लोग कर सकते हैं।

भारतवाणी के लिए सामग्री का संकलन कैसे किया जायेगा?
भारतवाणी भारत के समस्त सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, शैक्षणिक बोर्ड, पाठ्य-पुस्तकों से संबंधित निदेशालयों, विश्वविद्यालयों, आकादमी एवं प्रकाशन गृहों आदि से ज्ञान सामग्री का संकलन मल्टीमीडिया के रूप में समस्त सूचीबद्ध भाषाओं में करेगी।भारतवाणी व्यक्तिगत संस्थाओं से भी आग्रह करेगी कि अनवरत ऑनलाइन उपयोग के लिए वे अपने सामग्री को साझा करें। सामग्री संकलन और प्राथमिकता निर्धारण को अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। संपादकीय समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर सलाहकार समिति द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। भारतवाणी का ध्येय ज्ञान सामग्री प्रकाशित करना है। साथ ही सलाहकार समिति द्वारा विशिष्ट मापदंडों के आधार पर निर्धारित कथेतर साहित्य को भी प्रकाशित करेगी।

भारतवाणीसामग्री की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित करेगी?
भारतवाणी सामग्री प्रकाशन की शुरुआत विषय विशेषज्ञों द्वारा निर्मित सामग्री तथा प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा प्रकाशित सामग्री से करेगी। इस क्रम में सर्वप्रथम भारतीय भाषा संस्थान द्वारा प्रकाशित सामग्रियों को लिया जाएगा। नव सृजित सामग्री के प्रकाशन के संदर्भ में भारतवाणी द्वारा प्रत्येक भाषा के लिए सृजित संपादकीय समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा। त्रुटि रहित सामग्री के प्रकाशनहेतुएक व्यवस्थित तंत्र स्थापित किया जाएगा।

क्या भारतवाणी भाषा से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों को सार्वजनिक करेगी?
भारतवाणी, भारतीय भाषाओं के लिए उपलब्ध एवं अद्यतित आईटी उपकरणों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी जो संचार मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी (एमसीआईटी)के साथ समन्वय स्थापित करेगी, जो अपनी विभिन्न एजेंसियों यथा- टीडीआईएल आदि के माध्यम से ऐसे उपकरणों के विकास में संलग्न हैं। भाषा से संबंधित विभिन्न उपकरणों यथा- फॉन्ट, सॉफ्टवेयर, टंकण उपकरण, मोबाइल एप्स, बहुभाषी अनुवाद उपकरण, पाठ से वाक् एवं वाक् से पाठ आदि उपलब्ध कराए जाएँगे।

बृहद पैमाने पर समाज के लिए भारतवाणी के क्या लाभ हैं?
भारतवाणी, भारतीय भाषाओं/मातृभाषाओं को बृहद पैमाने पर उपलब्ध कराएगी, जिसके परिणाम स्वरूप युवा पीढ़ी अपनी सभी ऑनलाइन गतिविधियों यथा- ब्लागिंग, सामाजिक मीडिया और अध्ययन आदि के लिए मातृभाषा का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित होगी। भारतवाणी, लुप्तप्राय भाषाओं, अल्पसंख्यक भाषाओं एवं जनजातीय भाषाओं/मातृभाषाओं को साइबर स्पेस में महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। भारतवाणी, भारत की लगभग सभी भाषाओं/मातृभाषाओं के साथ-साथ भारत के सभी समुदायों के साथ संपर्क स्थापित करने, दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक पहुँचने और सांस्कृतिक जागरूकता और समझ को बढ़ावा देने का कार्य करेगी।

क्या भारतवाणी सरकारी सूचनाओं को प्रकाशित करेगी?
भारतवाणी परियोजना का, कृषि, व्यापार, शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र, समय पर सेवाएँ प्रदान करने वाले एवं अन्य महत्वपूर्ण/आवश्यक पोर्टल से संबंध होगा, जिससे सभी नागरिकों को एक ही पोर्टल पर ज्ञान और सूचना की प्राप्ति होगी।

भारतवाणी में किन भाषाओं को सम्मिलित किया गया है?
प्रथम वर्ष में, 22 अनुसूचित भाषाओं अर्थात असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मैथिली, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संताली, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू को सम्मिलित किया जाएगा। तदोपरांत अन्य भाषाओं को चरणबद्ध रूप से शामिल किया जाएगा।

भारतवाणी का ठोस लक्ष्य क्या है? भारतवाणीमें प्रकाशित सामग्री किस प्रकार की होगी?
भारतवाणी अपने परिचालन के पहले और दूसरे वर्ष में प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित विषय से संबंधित ज्ञान सामग्री का सृजन करेगी। तदोपरांत अगले पाँच वर्षों के लिए प्रत्येक भाषा/मातृभाषा से संबंधित विशिष्ट सामग्री के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रारंभ में विभिन्न भाषाओं में सहजतासे उपलब्ध सामग्रियोंको प्रकाशित करने का प्रयास किया जाएगा।
भारतवाणी निम्नांकित कार्यों का निर्वहन करेगी
भाषा और साहित्य का प्रलेखन डिजिटल और इलेक्ट्रानिक स्वरूप में तैयार करना।
लिपि और उसका नामांकन तथा टाइपोग्राफी कोड तैयार करना।
शब्दकोशों और शब्दावलियों का निर्माण करना।
मौखिक एवं लिखित साहित्य तथा ज्ञान ग्रंथों का आधुनिक और शास्त्रीय भाषाओं में अनुवाद करना।
ऑनलाइन भाषा शिक्षण, अधिगमएवं भाषा शिक्षक हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना, प्रमाणपत्र देगा तथा सतत, व्यापक मूल्यांकन सहित ऑनलाइन भाषा परीक्षण और मूल्यांकन पर ध्यान देगा।

क्या भारतवाणी में प्रकाशित सामग्री का निःशुल्क उपयोग किया जा सकता है? भारतवाणी में सामग्री का कॉपीराइट कैसे सुरक्षित किया जाएगा?
भारतवाणी, आम नागरिक, विशेष रूप से भारतीय नागरिकों के साथ ज्ञान साझा करने के उद्देश्य से निर्मित आधुनिक युग का एक पोर्टल है, अतः भारतवाणी पोर्टल पर उपलब्ध समस्त सामग्री को शैक्षणिक और अनुसंधान प्रयोजनों के लिए निःशुल्क उपयोग में लाया जा सकता है। पोर्टल, भारतीय कॉपीराइट अधिनियम 1957 के अनुसार केवल ऐसी गतिविधियों की अनुमति देता है जो धारा 52 के तहत कॉपीराइट उल्लंघन के अंतर्गत नहीं आते हैं।

क्या निजी संस्थानों और व्यक्तियों द्वारा भारतवाणी के लिए योगदान किया जा सकता है? क्या भारतवाणी द्वारा सामग्री के लिए मानदेय का भुगतान किया जायेगा?
हाँ। मौलिक कथेतर साहित्य/ज्ञान सामग्री के निःशुल्क सार्वजनिक उपयोग के लिए योगदान किया जा सकता है। लेखकों के योगदान के लिए उन्हें श्रेय दिया जाएगा। इस प्रकार की सामग्री की स्वीकृति संपादकीय समिति के अनुमोदनाधीन होगी। भारतवाणी मातृभाषा में सामग्री प्रस्तुत करने के लिए ऑनलाइन उपकरण उपलब्ध करायेगी। सामग्री के सतत उपयोग के लिए मानदेय के दरों का निर्धारण सलाहकार समिति द्वारा किया जाएगा, जो मौलिक सामग्री के लिए निर्धारित वित्त, सामग्री की मौलिकता और उसकी विशिष्टता पर निर्भर करेगा।

शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए भारतवाणी कैसे सुलभ होगी?
भारतवाणी, पोर्टल विकसित करने में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मापदंड़ों का भी अनुपालन करेगी। भारतवाणी, निःशुल्क रूप में पाठ से वाक् की सुविधा को उपलब्ध भाषाओं में प्रदान कराएगी ताकि नेत्रहीन लोगों द्वारा भी वेबसाइट सामग्री का उपयोग किया जा सके।

यदि कोई भारतवाणी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी/सूचना का दुरुपयोग कर रहा है, तो क्या होगा?
भारतवाणी साधारणतः नागरिकों पर विश्वास करती है। इस पर उपलब्ध सामग्री की यदि कोई नकल करता है या सामग्री का दुरुपयोग करता है तो उसे तुरंत हमारे ध्यान में लाया जा सकता है। भारतवाणी, भाषाओं को सीखने और प्रसारित करने के लिए, जो भारतीय समाज की समृद्ध विरासत के संरक्षण में सहयोगी होगा, प्रोत्साहित करती है।

भारतवाणी की प्रशासनिक संरचना क्या है?
भारतवाणी का परिचालनः
प्रख्यात भाषावैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों की एक राष्ट्रीय सलाहकार समिति के द्वारा होता है।पोर्टल और भाषा उपकरणों के तकनीकी पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रौद्योगिकी सलाहकार समिति के द्वारा प्रदान किया जाएगा।   भारतवाणी हेतु सामग्री संकलन के लिए भाषावार संपादकीयसमितियों का गठन किया गया है।

भारतवाणीका परिचालन कहाँ से होता है?
भारतवाणी का परिचालन भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर (कर्नाटक) के परिसर से होता है।
पत्र–व्यवहार का पता
भारतवाणी परियोजना
भारतीय भाषा संस्थान
मानसगंगोत्री, हुणसूर मार्ग, मैसूरू –570006
दूरवाणी:+91-821-2515820 (निदेशक)
स्वागत-कक्ष/PABX : +91-821-2345000
फ़ैक्स:+91-821-2515032 (कार्यालय)
परियोजना का ई-मेल:info@bharatavani.in

**** साभार    भारत वाणी